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  • sandeep kumar verma

Reunion of seekers of truth is called as Satsang. सत्संग – सत्य की खोज पर निकले मुसाफ़िरों का

Those are blessed who had eye contacts with the truth.

सत्संग – सत्य की खोज पर निकले मुसाफ़िरों का, मुमुक्षुओं का मिलकर ध्यान करना, मनन करना। सभी व्यक्ति यहाँ सत्य की राह पर ही हैं, चाहे जानकर या अनजाने। इसलिए सत्संग तो निरंतर हो ही रहा है व्यक्ति का। फिर व्यक्ति की हर साँस में सत्य भीतर जाकर हम सभी के साथ सत्संग करता है। अदृश्य सत्य का प्रकट सत्य के साथ सत्संग।

लेकिन जीवन की भाग दौड़ में हम भूल ही जाते हैं, संसार की पकड़ से हम छूट ही नहीं पाते हैं। इतना आसपास होता हुआ भी हमारी नज़र से सत्य चूकता चला जाता है। और सत्संग की जगह हम असत्य-संग करते चले जाते हैं। यदि हमको हर साँस के साथ सत्य का संग महसूस होता हो, तो सत्संग की कोई आवश्यकता ही नहीं है।

It is intensity of your awareness in any moment that leads to discovery of truth within. Satsang helps in going deeper in awareness than we could go alone.

Joshuto is inviting you to a scheduled Satsang on Zoom.

सत्संग की आधी घड़ी, और तप के बरस हज़ार। और तो भी बराबर ना होवे, अरे इसका किया विचार ।।

संत की चेतावनी का यह विडीओ उनके भाव को प्रकट करता है।

Mean: A few moments lived together with an enlightened one or with those who lived with the enlightened ones has more weightage than 1000 years of yoga practice.

Join Satsang on Zoom via Zoom Meeting Date 29/05/2022, Time 12:00 IST (+5.30 GMT) Kolkata, India time

https://us04web.zoom.us/j/6652900495?pwd=2nWq2cPJ-DpnAVlVGmxO49poz7MkgH.1

Meeting ID: 665 290 0495 If you wish to attend the Satsang, please send an email to : Joshutosho@gmail.com for passcode.

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